एक सुंदर गाँव में अर्जुन और विक्रम नाम के दो दोस्त रहते थे। वे एक बगीचे में साथ काम करते थे। लेकिन एक छोटी सी बात पर उनके बीच अनबन हो गई। विक्रम ने अर्जुन से बात करना बंद कर दिया और धीरे-धीरे यह अनबन गहरी नफरत में बदल गई।
इस नफरत का असर उनके काम पर पड़ा। उन्होंने एक-दूसरे की मदद करना छोड़ दिया, जिससे उनका बगीचा सूखने लगा। उनकी इस दुश्मनी ने उन्हें कोई खुशी नहीं दी, बल्कि केवल अकेलापन और मुश्किलें दीं। एक रात भारी तूफान आया और अर्जुन की छोटी सी झोपड़ी को नुकसान पहुँचा। यह देखकर विक्रम का दिल पसीज गया। वह अपनी सारी नफरत भूलकर अर्जुन की मदद करने दौड़ा। अर्जुन ने अपनी गलती मानी और विक्रम को गले लगा लिया। उस दिन के बाद वे फिर से पक्के दोस्त बन गए और उनका बगीचा पहले से भी ज्यादा हरा-भरा हो गया। उन्होंने सीखा कि नफरत केवल दुख लाती है, जबकि दोस्ती और प्रेम जीवन में अच्छाई और समृद्धि लाते हैं।