बहुत समय पहले, सुंदरपुर नाम का एक समृद्ध राज्य था। वहाँ के राजा विक्रम बहुत दयालु और न्यायप्रिय थे। लेकिन उनके छोटे भाई अर्जुन के मन में एक छोटी सी कड़वाहट थी। उसे लगता था कि लोग केवल विक्रम का सम्मान करते हैं और उसे वह स्थान नहीं मिलता। यह छोटी सी जलन धीरे-धीरे गहरी दुश्मनी में बदल गई।
अर्जुन ने अपने भाई का साथ देने के बजाय, उनके खिलाफ षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया। वह मंत्रियों और जनता के बीच विक्रम की छवि खराब करने लगा। एक बार जब राज्य पर बाहरी हमला हुआ, तो अर्जुन ने अपने भाई की मदद करने के बजाय अपनी सेना को पीछे हटा लिया। भाइयों के बीच की इस आपसी नफरत ने दुश्मनों को राज्य जीतने का मौका दे दिया। अंत में, उस एक छोटी सी ईर्ष्या ने पूरे साम्राज्य को नष्ट कर दिया।