एक शांत गाँव में आर्यन और उसके पिता सैम्युअल रहते थे। सैम्युअल गाँव के एक सम्मानित व्यक्ति थे। एक शाम, आर्यन का दोस्त लियो उसके पास आया और बोला, "आर्यन, आज रात एक बड़ी पार्टी है! हम मदिरा पिएंगे, बहुत मज़ा आएगा!"
आर्यन को यह बात ठीक नहीं लगी। जब वह घर पहुँचा, तो उसने देखा कि सैम्युअल शांति से बैठे पढ़ रहे थे। आर्यन ने हिचकिचाते हुए पूछा, "पिताजी, क्या दोस्तों के साथ शराब पीना गलत है?"
सैम्युअल ने प्यार से उसके सिर पर हाथ रखा और कहा, "बेटा, जो लोग हमेशा सोते रहते हैं, वे जीवित होकर भी मृत समान हैं। उसी प्रकार, जो शराब पीते हैं, वे जहर खाने वालों के समान हैं। यह शरीर और बुद्धि दोनों को नष्ट कर देती है।"
अगली सुबह, आर्यन ने देखा कि लियो बहुत बीमार और सिरदर्द से परेशान था। वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। लियो की हालत देखकर आर्यन समझ गया कि जिसे लियो 'मज़ा' कह रहा था, वह वास्तव में एक धीमा जहर था। उस दिन के बाद, आर्यन ने हमेशा होश और समझदारी से जीने का फैसला किया।