एक छोटे से गाँव में करी नाम का एक लड़का रहता था। उसका परिवार बहुत गरीब था, लेकिन उसके संस्कार बहुत ऊँचे थे। एक दिन गाँव के मेले में, करी को ज़मीन पर एक सोने का हार मिला। एक पल के लिए उसके मन में विचार आया, 'अगर मैं इसे रख लूँ, तो मेरे परिवार की गरीबी मिट जाएगी।' लेकिन तुरंत ही उसे अपने पिता की सीख याद आ गई कि कभी भी दूसरों की चीज़ों पर लालच नहीं करना चाहिए।
करी ने हार छिपाने के बजाय उसके मालिक को ढूँढने का फैसला किया। उसे माणिक नाम के एक बुजुर्ग मिले जो अपना हार खो जाने के कारण बहुत दुखी थे। करी ने विनम्रता के साथ वह हार उन्हें सौंप दिया। करी की ईमानदारी और शालीनता देखकर माणिक बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने करी की पढ़ाई का सारा खर्च उठाने का निर्णय लिया। करी ने सीखा कि ईमानदारी और अच्छे आचरण से मिली सफलता किसी भी धन से बड़ी होती है।