एक सुंदर से गाँव में ईथन नाम का एक युवक रहता था। उसके पास बहुत धन, ज़मीन और संपत्ति थी। लेकिन ईथन बहुत घमंडी था। वह बड़ों का सम्मान नहीं करता था और गरीबों का मज़ाक उड़ाता था। उसका मित्र लियो अक्सर कहता था, 'ईथन, केवल धन काफी नहीं है, अच्छे गुण भी होने चाहिए।' लेकिन ईथन उसकी बात सुनकर हँस देता था।
एक बार गाँव में एक बड़ा उत्सव हुआ। ईथन अपनी अमीरी दिखाने के लिए वहाँ पहुँचा। लेकिन उसके कड़वे व्यवहार के कारण गाँव वाले उससे दूर हो गए। कोई भी उसके साथ उत्सव मनाने को तैयार नहीं था। कुछ समय बाद, ईथन एक बड़ी मुसीबत में फँस गया। उसके पास बहुत पैसा था, लेकिन उस कठिन समय में उसकी मदद करने वाला कोई मित्र नहीं था। उसे समझ आया कि बिना अच्छे स्वभाव के, धन भी किसी काम का नहीं है।
उस दिन के बाद ईथन बदल गया। उसने लोगों से प्यार और सम्मान से बात करना सीखा। जैसे-जैसे उसका स्वभाव बदला, लोग फिर से उसके मित्र बन गए। अब उसके पास धन भी था और लोगों का सम्मान भी।