एक शांत से गाँव में कविन और मीरा रहते थे। वे बचपन के दोस्त थे, लेकिन उनके मन में एक-दूसरे के लिए एक अनकहा प्रेम था। वह प्रेम एक दबी हुई लौ की तरह था, जो बस जलने के लिए एक चिंगारी की तलाश में था।
एक दिन, जब मीरा गाँव के पास के मैदान में बैठी थी, कुछ बच्चों ने उनके बारे में बातें करना शुरू कर दिया। 'क्या तुमने सुना? कविन और मीरा एक-दूसरे को पसंद करते हैं!' वे धीरे से फुसफुसाए। देखते ही देखते, यह बात पूरे गाँव में फैल गई।
जब कविन ने यह अफवाह सुनी, तो वह घबराया नहीं। बल्कि, उन बातों ने उसके मन में दबे हुए प्रेम को और भी गहरा कर दिया। अब जब भी वह मीरा को देखता, उसका दिल तेज़ी से धड़कने लगता। अफवाहों ने उस प्रेम को हवा दी, जिससे वह और भी तीव्र हो गया। अंततः, उन्हीं अफवाहों ने उन्हें एक-दूसरे के सामने आने और अपने दिल की बात कहने का साहस दिया।