एक शांत गाँव में इलाना नाम की एक स्त्री रहती थी। वह अपने पति जूलियन से बहुत प्रेम करती थी। लेकिन एक छोटी सी बहस के बाद, जूलियन उसे छोड़कर दूर चला गया। जैसे-जैसे दिन बीतते गए, इलाना की सेहत बिगड़ने लगी और वह कमजोर होती गई। उसकी आँखों की चमक खो गई थी।
एक दिन उसकी सहेली माया उससे मिलने आई। 'इलाना, तुम इतनी कमजोर क्यों हो गई हो? जूलियन को अपनी हालत के बारे में बताओ,' माया ने कहा। इलाना ने उदास होकर कहा, 'मेरा मन करता है कि मैं उसे बता दूँ कि मैं कितनी पीड़ा में हूँ। लेकिन क्या उसे यह जानकर मुझ पर दया आएगी, या वह मेरी इस हालत को देखकर गर्व महसूस करेगा कि उसने मुझे इतना तड़पाया है? क्या मेरी यह तड़प उसे और कठोर बना देगी?'
इलाना का यह द्वंद्व उसके गहरे प्रेम को दर्शाता था। अंत में, जब जूलियन को उसकी हालत का पता चला, तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और वह दौड़कर इलाना के पास वापस आ गया। प्यार में मिला दर्द अंततः मिलन का कारण बना।