एक छोटे से सुंदर गाँव में आर्यन और मीरा रहते थे। उन दोनों के बीच बहुत गहरा प्रेम था। एक शाम, आर्यन मीरा के लिए उसके पसंदीदा फूल लाना भूल गया। मीरा को थोड़ा बुरा लगा और वह रूठ गई। उसने मुँह फेर लिया और कहा, 'मुझसे बात मत करो!'
आर्यन गुस्सा नहीं हुआ। उसने मुस्कुराते हुए मीरा के लिए उसकी पसंदीदा गर्मागर्म चाय बनाई और उसके पास जाकर बैठ गया। आर्यन का यह प्यार भरा व्यवहार देखकर मीरा का गुस्सा धीरे-धीरे पिघलने लगा। उसने धीरे से पूछा, 'क्या तुम्हें मेरा रूठना अच्छा लग रहा है?'
आर्यन ने प्यार से कहा, 'हाँ मीरा, तुम्हारी यह छोटी सी नाराजगी भी मुझे बहुत प्यारी लगती है, क्योंकि इसमें तुम्हारा मेरे प्रति लगाव झलकता है।' मीरा मुस्कुरा दी। उनकी वह छोटी सी नोक-झोंक उनके रिश्ते को और भी गहरा बना गई। जब प्यार होता है, तो नाराजगी भी मीठी लगती है।