एक सुंदर से गाँव में आर्यन और मीरा रहते थे। वे एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक शाम, आर्यन मीरा के लिए फूलों का एक छोटा सा गुच्छा लाया। लेकिन मीरा ने उस दिन एक छोटी सी बात पर नाराज़ होने का नाटक किया। उसने अपना मुँह फेर लिया और बात करना बंद कर दिया।
आर्यन थोड़ा परेशान हो गया। उसने पूछा, 'मीरा, मुझसे क्या गलती हुई?' मीरा चुप रही, लेकिन उसकी आँखों में एक चमक थी। वह वास्तव में नाराज़ नहीं थी; वह बस यह देखना चाहती थी कि आर्यन उसे मनाने के लिए कितनी कोशिश करता है।
आर्यन पूरी रात उसे मनाने में, प्यार भरी बातें करने और माफी माँगने में बिता देता है। वह रात बहुत लंबी और यादगार बन गई। मीरा का वह बनावटी गुस्सा उन्हें दूर करने के बजाय, उनके बीच के प्यार को और भी गहरा कर गया।