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अध्याय 17: அழுக்காறாமை

On Virtue Domestic Virtue अध्याय 17

कुरल 163

அழுக்காறாமை

स्थान 3/10

திருக்குறள்

அறன்ஆக்கம் வேண்டாதான் என்பான் பிறனாக்கம் பேணாது அழுக்கறுப் பான்.

Aranaakkam Ventaadhaan Enpaan Piranaakkam Penaadhu Azhukkarup Paan

“Who envies others' good fortune Can't prosper in virtue of his own”

Nor wealth nor virtue does that man desire 'tis plain,Whom others' wealth delights not, feeling envious pain

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कुरल #163

ईर्ष्या की छाया

यह कहानी इस विचार को दर्शाती है कि ईर्ष्या करने वाला व्यक्ति न तो सदाचार प्राप्त कर सकता है और न ही वास्तविक समृद्धि। जो व्यक्ति दूसरों की समृद्धि देखकर खुश होने के बजाय उससे ईर्ष्या करता है, उसके बारे में यह कहा जाएगा कि उसे न तो सद्गुणों की इच्छा है और न ही धन की।

6–10 yr 2 min
ईर्ष्या का बोझ — NilaTales cover art
कुरल #163

ईर्ष्या का बोझ

The Jealous Songbird

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8–14 yr 2 min