एक सुंदर घास के मैदान में माइलो नाम का एक छोटा चूहा रहता था। माइलो बहुत ही दयालु था और अपनी चीज़ें दूसरों के साथ बाँटना उसे अच्छा लगता था। पास ही एक छोटे से तालाब में पिप नाम का एक मेंढक रहता था। माइलो और पिप पक्के दोस्त थे। हर सुबह पिप, माइलो के घर आता था। माइलो अपने जमा किए हुए दाने और खाने की चीज़ें पिप के साथ खुशी-खुशी बाँटता था। शाम होते ही पिप अपने तालाब की ओर लौट जाता था।
एक दिन पिप को एक विचार आया। उसने सोचा, 'हर दिन मैं ही माइलो के घर जाता हूँ, क्यों न आज मैं माइलो को अपने घर दावत पर बुलाऊँ?' पिप तुरंत माइलो के पास गया और उत्साह से बोला, 'मेरे दोस्त, आज तुम्हें मेरे घर आना ही होगा! मैंने तुम्हारे लिए एक शानदार दावत तैयार की है!'
माइलो थोड़ा चिंतित हुआ। उसने कहा, 'लेकिन पिप, तुम पानी के जीव हो और आसानी से तैर सकते हो। मैं ज़मीन पर रहने वाला चूहा हूँ। मेरे लिए इतनी दूर तक गीले रास्तों से आना बहुत मुश्किल और खतरनाक होगा।'
पिप ने एक योजना सुझाई, 'चिंता मत करो! मैं एक लंबी और मज़बूत बेल लेकर आता हूँ। मैं उसका एक सिरा तुम्हारे पैर से और दूसरा अपने पैर से बाँध लूँगा। मैं तेज़ी से कूदते हुए जाऊँगा और तुम बस मेरे साथ चलते आना!'
माइलो ने अपने दोस्त पर भरोसा किया और मान गया। पिप ने बेल से दोनों को बाँध दिया। उत्साह में आकर पिप तेज़ी से कूदते हुए आगे बढ़ने लगा। कूदने की खुशी में पिप यह भूल गया कि माइलो कितनी मुश्किल से खिंचा चला आ रहा है और वे कहाँ जा रहे हैं।
अचानक पिप एक बड़े तालाब के किनारे पहुँचा और छपाक से पानी में कूद गया! क्योंकि वे बँधे हुए थे, माइलो भी पानी की गहराई में खिंच गया। माइलो को तैरना नहीं आता था, वह पानी में छटपटाने लगा। तभी आसमान में उड़ते एक बड़े बाज की नज़र उस पर पड़ी।
बाज ने जैसे ही माइलो को पकड़ने के लिए झपट्टा मारा, बेल के दूसरे छोर पर बँधा पिप भी हवा में ऊपर खिंच गया! बाज ने माइलो और पिप दोनों को एक साथ अपना शिकार बना लिया। पिप की बिना सोचे-समझे की गई जल्दबाजी ने दोनों दोस्तों की जान ले ली।
पूरा मैदान फिर से शांत हो गया, मानो वह सबको चेतावनी दे रहा हो कि बिना सोचे काम करना कितना भारी पड़ सकता है।
Moral
बिना सोचे-समझे लिया गया निर्णय और जल्दबाजी हमेशा नुकसान पहुँचाती है।