एक घने जंगल में फेलिक्स नाम की एक लोमड़ी रहती थी। एक दिन नदी के किनारे घूमते समय, फेलिक्स अचानक एक गहरे गड्ढे में गिर गई। उसने बहुत संघर्ष किया और पूरी ताकत लगाकर तैरते हुए किनारे तक पहुँचने में सफल रही।
किनारे पहुँचते ही फेलिक्स पूरी तरह थक चुकी थी। उसके शरीर में इतनी कमजोरी थी कि वह उठकर चल भी नहीं पा रही थी। वह एक बड़े पेड़ की छाया में लेट गई।
कुछ देर बाद, उसकी चोटों पर छोटे-छोटे मक्खियाँ भिनभिनाने लगीं। तभी वहाँ से एक साही गुजरा, जिसने फेलिक्स की हालत देखी।
"दोस्त, तुम्हारी हालत बहुत खराब है," साही ने कहा। "क्या मैं आकर इन मक्खियों को भगा दूँ?"
फेलिक्स ने धीरे से अपनी आँखें खोलीं और कहा, "नहीं दोस्त, तुम मत आओ। अभी मैं बहुत कमजोर हूँ। अगर तुम आकर उन्हें भगाने की कोशिश करोगे, तो वे घबराकर मुझे और ज्यादा काट सकती हैं। अगर मैं शांत रहती हूँ, तो वे खुद ही चली जाएँगी।"
फेलिक्स के धैर्य को देखकर साही दंग रह गया। कुछ देर बाद फेलिक्स की ताकत वापस आ गई और वह धीरे-धीरे उठकर चलने लगी।
Moral
मुश्किल समय में धैर्य बनाए रखने से हम बड़ी मुसीबतों से बच सकते हैं।