एक घने जंगल में एक बूढ़ा शेर रहता था, जो कभी जंगल का राजा हुआ करता था। अब वह बूढ़ा हो गया था और उसके लिए शिकार करना बहुत मुश्किल हो गया था। एक दोपहर, शेर एक बड़े पेड़ की छाया में बहुत थका हुआ और कमजोर महसूस कर रहा था।
तभी वहाँ एक बड़ा भालू आया। शेर को कमजोर देखकर भालू ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में, एक ज़ेबरा भी वहाँ आ गया और वह शेर को डराने और तंग करने लगा। वे जानवर अपनी ताकत दिखाने के लिए एक कमजोर शेर को परेशान कर रहे थे, जो कि बहुत ही कायरतापूर्ण व्यवहार था।
पेड़ की ऊँची टहनी पर बैठा एक छोटा बंदर यह सब देख रहा था। बंदर को शेर की हालत देखकर बुरा लगा। बंदर ने एक फल उठाकर भालू की ओर फेंका, जिससे वे थोड़ा चौंक गए।
तभी शेर ने अपनी पूरी ताकत जुटाई और एक ज़ोरदार दहाड़ मारी। उस दहाड़ की गूँज पूरे जंगल में फैल गई। शेर की दहाड़ सुनकर भालू डर के मारे पास के एक खोखले लट्ठे में छिप गया। ज़ेबरा भी डरकर झाड़ियों में भाग गया। बंदर फुर्ती से पेड़ की सबसे ऊँची टहनी पर चढ़ गया। शेर ने फिर से अपनी शांति पा ली थी।
Moral
कमजोरों को परेशान करना कायरता की निशानी है।