एक घने और हरे-भरे जंगल में रस्टी नाम का एक बहुत ही समझदार मुर्गा रहता था। रस्टी अपनी तेज़ बुद्धि के लिए पूरे जंगल में जाना जाता था। एक शाम, जब सूरज ढल रहा था, रस्टी ने अपना भोजन किया और रात बिताने के लिए एक ऊंचे आम के पेड़ की टहनी पर जा बैठा।
तभी पेड़ के नीचे फेलिक्स नाम की एक चालाक लोमड़ी छिपी हुई थी। फेलिक्स की नज़र रस्टी पर पड़ी और उसके मुँह में पानी आ गया। उसने सोचा, 'अगर मैं इस मुर्गे को नीचे बुला लूँ, तो आज रात मेरी दावत हो जाएगी!'
फेलिक्स जानता था कि वह पेड़ पर नहीं चढ़ सकता, इसलिए उसने अपनी बातों से जाल बुनने का फैसला किया। उसने बहुत ही मीठी आवाज़ में पुकारा, "ओह रस्टी भाई! क्या तुम्हें कोई खुशखबरी मिली है?"
रस्टी ने ऊपर से नीचे झाँकते हुए पूछा, "क्या खुशखबरी है फेलिक्स? तुम इतने उत्साह में क्यों हो?"
ya फेलिक्स ने मुस्कुराते हुए झूठ बोला, "जंगल में बहुत बड़ा बदलाव आया है! अब से कोई भी जानवर किसी दूसरे को नुकसान नहीं पहुँचाएगा। जंगल में अब सिर्फ शांति और दोस्ती है। तुम भी नीचे आ जाओ, हम सब मिलकर इस दोस्ती का जश्न मनाएंगे!"
रस्टी को फेलिक्स की बातों पर शक हुआ। उसने सोचा, 'लोमड़ी अचानक इतनी दयालु कैसे हो गई?' उसने तुरंत एक योजना बनाई।
रस्टी ने शांति से कहा, "यह तो बहुत अच्छी खबर है! लेकिन फेलिक्स, क्या तुमने झाड़ियों के पीछे उन शिकार करने वाले कुत्तों के झुंड को देखा? चलो, हम उन्हें भी यह खुशखबरी सुनाते हैं और अपने दोस्त बना लेते हैं!"
शिकारी कुत्तों का नाम सुनते ही फेलिक्स के पसीने छूट गए। वह घबराकर बोला, "शिकारी कुत्ते? वे यहाँ आ रहे हैं?"
रस्टी ने हंसते हुए पूछा, "तुम डर क्यों रहे हो फेलिक्स? तुमने ही तो कहा था कि जंगल में अब शांति है!"
फेलिक्स वहाँ से दुम दबाकर भागने लगा और चिल्लाया, "शायद उन कुत्तों को अभी तक यह खुशखबरी नहीं मिली है! वे मुझे देखते ही अपना शिकार समझ लेंगे!" रस्टी अपनी चतुराई से बच गया और चैन से सो गया।
Moral
जो दूसरों को धोखा देने की कोशिश करते हैं, वे खुद भी धोखे का शिकार हो जाते हैं।