एक सुंदर फार्म में सैमुअल नाम का एक किसान रहता था। उसके पास भेड़ों का एक झुंड था। भेड़ों को रात में जंगली जानवरों से बचाने के लिए, उसने रेक्स नाम का एक बहादुर कुत्ता पाला था।
रेक्स को अपने काम पर बहुत गर्व था। वह सोचने लगा, 'मैं इस फार्म का राजा हूँ! अगर मैं नहीं रहूँगा, तो ये भेड़ें एक दिन भी जीवित नहीं रह पाएँगी।'
एक सुबह, सैमुअल ने भेड़ों के लिए ताज़ा घास और अनाज खेत में फैलाया। जैसे ही सैमुअल दूसरे काम करने के लिए थोड़ा दूर गया, भूखी भेड़ें खाने की ओर दौड़ पड़ीं।
तभी रेक्स अचानक अनाज के ढेर के बीच में जाकर खड़ा हो गया। उसने ज़ोर से भौंकते हुए कहा, 'रुको! जब मैं पहरा दे रहा हूँ, तो तुम शोर मचाकर खाना नहीं खा सकतीं। जब मैं अनुमति दूँगा, तभी तुम खा पाओगी!'
डर के मारे भेड़ें दूर खड़ी हो गईं। कुछ देर बाद जब सैमुअल वापस आया, तो उसने देखा कि भेड़ें भूखी खड़ी हैं और रेक्स खाने पर हुक्म चला रहा है। सैमुअल को बहुत गुस्सा आया। उसने कहा, 'रेक्स, तुम्हारा काम उनकी रक्षा करना है, उन पर हुक्म चलाना नहीं!' रेक्स को अपनी गलती का अहसास हुआ।
Moral
हमें केवल वही काम करना चाहिए जो हमें सौंपा गया है; अनावश्यक अधिकार नहीं दिखाना चाहिए।