एक सुंदर घाटी में भेड़ों का एक झुंड रोज़ चरता था। उन्हें जंगली जानवरों से बचाने के लिए ब्रूनो और मैक्स नाम के दो बहादुर कुत्ते हमेशा उनके साथ रहते थे। उनकी चौकस निगाहों से जंगल के लोमड़ी जैसे शिकारी दूर रहते थे।
एक चतुर लोमड़ी ने इस सुरक्षा को तोड़ने की योजना बनाई। एक दिन, वह भेड़ों के पास आई और बहुत प्यार से बोली, "तुम इन कुत्तों के साथ क्यों रहते हो? ये तो बस तुम पर हुक्म चलाते हैं। हमारे साथ जंगल के अंदर चलो, हम तुम्हें सबसे मीठी घास और स्वादिष्ट फल खिलाएंगे। हम तुम्हारे सच्चे दोस्त हैं।"
भेड़ों को लोमड़ी की बातों में आकर कुत्तों पर संदेह होने लगा। उन्होंने सोचा, "कुत्ते तो बस हमें डराते हैं, लेकिन लोमड़ी कितनी अच्छी बातें कर रही है!" धीरे-धीरे भेड़ों ने कुत्तों की बात मानना बंद कर दिया।
उसी रात, जब कुत्ते सो रहे थे, भेड़ें लोमड़ी के पीछे-पीछे घने जंगल में चली गईं। लेकिन वहाँ कोई मीठी घास नहीं थी, बल्कि भूखी लोमड़ियों का झुंड था। जैसे ही भेड़ें जंगल के बीच पहुँचीं, लोमड़ियों ने उन पर हमला कर दिया। कुत्ते दौड़कर बचाने आए, लेकिन तब तक भेड़ें बड़ी मुसीबत में फँस चुकी थीं।
अगली सुबह, भेड़ों को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने सीखा कि सच्चे दोस्त वे नहीं होते जो केवल मीठी बातें करते हैं, बल्कि वे होते हैं जो मुसीबत में ढाल बनकर खड़े रहते हैं।
Moral
दुश्मनों की मीठी बातों में आकर अपने सच्चे मित्रों को कभी न छोड़ें।