सुनहरे खेतों के बीच सैम्युअल नाम का एक मेहनती किसान रहता था। सैम्युअल अपने खेतों का बहुत ध्यान रखता था, लेकिन एक समस्या उसे परेशान करती थी। पास की झील से आने वाले पक्षियों का झुंड रोज़ उसके खेतों में आकर फसल बर्बाद कर देता था।
एक दिन सैम्युअल ने एक योजना बनाई। उसने खेत के एक हिस्से में एक बड़ा जाल बिछा दिया और उसमें कुछ दाने डाल दिए। अगली सुबह जब वह खेत पर गया, तो उसने देखा कि जाल में बहुत सारे पक्षी फंसे हुए हैं। उनमें से एक सफ़ेद पक्षी बाकी पक्षियों की तुलना में बहुत शांत दिख रहा था।
जैसे ही सैम्युअल जाल के पास पहुँचा, सफ़ेद पक्षी गिड़गिड़ाने लगा, "हे किसान भाई, कृपया मुझे छोड़ दीजिए! मैं उन अन्य पक्षियों जैसा नहीं हूँ जो आपकी फसल चुराते हैं। मैं एक अच्छे परिवार से हूँ और मैंने कोई नुकसान नहीं पहुँचाया है।"
सैम्युअल ने गंभीरता से कहा, "तुम स्वभाव से अच्छे हो सकते हो, लेकिन तुम इस जाल में इसलिए फंसे हो क्योंकि तुम उन चोरों के साथ आए थे। जब तुम गलत लोगों का साथ देते हो, तो उनके किए गए कार्यों का परिणाम तुम्हें भी भुगतना पड़ता है। लोग तुम्हें तुम्हारी संगति से ही पहचानते हैं।"
सफ़ेद पक्षी को अपनी गलती का एहसास हुआ और वह बहुत दुखी हुआ कि उसने गलत पक्षियों का साथ क्यों दिया।
Moral
बुरी संगति अच्छे इंसान को भी मुसीबत में डाल सकती है।