एक घने जंगल में चार पक्के दोस्त रहते थे—एक कौआ, एक हिरण, एक चूहा और एक कछुआ। वे सब मिलकर जंगल में बहुत मजे से रहते थे।
एक दिन, कौए ने आसमान से देखा कि एक शिकारी जंगल में आ रहा है। उसने तुरंत चिल्लाकर सबको सावधान किया, "भागो! शिकारी आ रहा है, सब छिप जाओ!" सब डर गए। कछुआ उदास होकर बोला, "तुम सब भाग जाओ, मैं तो बहुत धीरे चलता हूँ, मैं नहीं भाग पाऊँगा।"
तभी चूहे ने कहा, "दोस्त, घबराओ मत। घबराहट में हम गलतियाँ कर बैठेंगे। शांत रहो, हम मिलकर कुछ करेंगे।"
शिकारी ने कछुए को पकड़ लिया और उसे अपने थैले में डाल लिया। यह देखकर बाकी तीनों दोस्तों ने एक योजना बनाई। कौआ ऊपर उड़कर शिकारी की हर हरकत पर नज़र रखने लगा। हिरण शिकारी के रास्ते में जाकर ऐसे लेट गया जैसे वह मर गया हो।
शिकारी ने जब हिरण को देखा, तो वह बहुत खुश हुआ। उसने कछुए वाला थैला ज़मीन पर रख दिया और हिरण की तरफ भागा। तभी चूहा फुर्ती से आया और उसने थैले की रस्सी को अपने तेज़ दांतों से काट दिया। कछुआ तुरंत बाहर निकलकर छिप गया। कौए ने ज़ोर से आवाज़ लगाई, "हिरण भाई, अब भागो!" हिरण बिजली की तरह दौड़कर भाग गया।
शिकारी हाथ मलता रह गया। चारों दोस्त सुरक्षित स्थान पर मिले और बोले, "अगर हम घबरा जाते, तो आज मुसीबत में पड़ जाते। समझदारी और एकता ने हमें बचा लिया।"
Moral
धैर्य और सूझबूझ से बड़ी से बड़ी मुश्किल को हल किया जा सकता है।