पहाड़ों के बीच बसे एक सुंदर राज्य में एक राजा और रानी रहते थे। उनकी कोई संतान नहीं थी। एक बर्फीली सुबह, बगीचे में प्रार्थना करते हुए रानी ने एक सफेद गुलाब देखा और कामना की, 'यदि मुझे बेटी मिले, तो उसका हृदय इस गुलाब की तरह पवित्र और उसका स्वभाव इस बर्फ की तरह शांत हो।' जल्द ही उनके घर एक प्यारी सी बेटी आई, जिसका नाम उन्होंने 'चाँदनी' रखा।
जब चाँदनी बड़ी हुई, तो एक दुष्ट जादूगरनी ने अपने जादुई दर्पण के जरिए राज्य पर कब्जा कर लिया। एक दिन जादूगरनी ने दर्पण से पूछा, 'इस दुनिया में सबसे बुद्धिमान और सुंदर कौन है?' दर्पण ने कहा, 'चाँदनी।' यह सुनकर जादूगरनी गुस्से से पागल हो गई और उसने चाँदनी को खत्म करने की योजना बनाई।
चाँदनी जंगल में भाग गई। वहाँ उसे सात छोटे रक्षक मिले। वे कद में छोटे थे, लेकिन बहुत बहादुर और समझदार थे। उन्होंने चाँदनी को जंगल में रहने के तरीके सिखाए। एक ने उसे धनुष चलाना सिखाया, तो दूसरे ने जड़ी-बूटियों का ज्ञान दिया। चाँदनी धीरे-धीरे बहुत निपुण हो गई।
जादूगरनी एक बूढ़ी औरत का भेष बनाकर चाँदनी के पास पहुँची और उसे एक जादुई फल दिया। फल खाते ही चाँदनी बेहोश हो गई। जादूगरनी खुशी से झूमते हुए भागने लगी, लेकिन अचानक उसका पैर फिसला और वह एक गहरे गड्ढे में गिर गई। रक्षकों ने चाँदनी को सुरक्षित स्थान पर रखा।
कुछ दिनों बाद, पड़ोसी देश का एक राजकुमार वहाँ आया। उसे जड़ी-बूटियों का बहुत ज्ञान था। उसने चाँदनी का उपचार किया और उसे होश में लाया। चाँदनी के साहस को देखकर राजकुमार ने उसका साथ देने का फैसला किया। दोनों ने मिलकर जादूगरनी को हराया और चाँदनी फिर से रानी बनी। सात रक्षकों ने भी राज्य की सेवा की।
Moral
बुद्धि और साहस से किसी भी मुसीबत को जीता जा सकता है।