एक घने जंगल में सैम नाम का एक साही (hedgehog) रहता था। सैम को अपने नुकीले काँटों पर बहुत घमंड था। एक बार जब एक सांप ने उसे डराने की कोशिश की, तो सैम ने अपने काँटे दिखाए और सांप डर कर भाग गया। यह देखकर जंगल के बाकी जानवर सैम से डरने लगे, लेकिन सैम का अहंकार बढ़ गया। वह बिना बात के दूसरे जानवरों को अपने काँटों से चुभाने लगा।
एक दिन, सैम ने एक सो रहे खरगोश को जानबूझकर चुभा दिया। खरगोश रोता हुआ जंगल के राजा शेर के पास गया। शेर ने सैम को बुलाकर कहा, "सैम, तुम्हारे काँटे तुम्हारी रक्षा के लिए हैं, दूसरों को परेशान करने के लिए नहीं। जब तक तुम दूसरों का सम्मान करना नहीं सीखते, तुम्हें भालू दादा के पास रहकर सबक सीखना होगा।"
सैम ने एक महीने तक भालू दादा के साथ रहकर दूसरों की मदद करना सीखा। एक दिन एक छोटा चूहा रोते हुए आया और बोला, "सैम, एक बिल्ली हमें डरा रही है, हमें बचाओ!" सैम का दिल पिघल गया। उसने अपने शरीर से एक नुकीला काँटा निकाला और चूहे को देते हुए कहा, "इसे एक छोटे भाले की तरह इस्तेमाल करना और डरो मत।"
धीरे-धीरे सैम ने कई जानवरों को अपने काँटे दे दिए। इससे सैम का शरीर बहुत कोमल हो गया और उसके पास रक्षा के लिए काँटे नहीं बचे। तभी वह पुराना सांप वापस आया और सैम को कमजोर समझकर हमला करने लगा। लेकिन तभी चूहा, गिलहरी और खरगोश, जो सैम के दिए हुए काँटों को लेकर आए थे, उन्होंने एक घेरा बनाकर सांप को रोक दिया और सैम की रक्षा की।
भालू दादा ने मुस्कुराते हुए कहा, "सैम, तुम्हारी दयालुता ही तुम्हारी ढाल बनी। लेकिन याद रखना, दूसरों की मदद करते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।"
Samples तुरंत डॉक्टर बंदर के पास गया और एक विशेष मरहम लगाया। कुछ ही दिनों में सैम के शरीर पर नए और मजबूत काँटे उग आए। अब सैम घमंडी नहीं, बल्कि जंगल का सबसे प्यारा दोस्त बन गया था।
Moral
दूसरों की मदद करते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी बुद्धिमानी है।