एक हरे-भरे गाँव में सैम नाम का एक छोटा चूहा रहता था। सैम अपने सरल जीवन में बहुत खुश था और खेतों में मिलने वाले अनाज खाकर अपना जीवन बिताता था। उसका सबसे अच्छा दोस्त मैक्स, एक बड़े शहर के एक आलीशान महल में रहता था।
एक दिन मैक्स ने सैम को शहर आने का न्योता दिया। जब सैम शहर पहुँचा, तो मैक्स उसे एक भव्य भोजन कक्ष में ले गया। वहाँ मेज़ पर पनीर, मिठाइयाँ और ताज़े फलों का ढेर लगा था। मैक्स ने गर्व से कहा, "देखो सैम! गाँव में तुम सिर्फ सूखे दाने खाते हो। यहाँ देखो, कितना स्वादिष्ट खाना है! तुम यहीं मेरे साथ क्यों नहीं रह जाते?"
सैम ने उन चीज़ों को बड़े चाव से देखा, लेकिन तभी अचानक रसोई के दरवाज़े के ज़ोर से खुलने की आवाज़ आई। 'धप! धप!' कोई तेज़ी से अंदर आ रहा था। दोनों चूहे डर के मारे कांपने लगे।
"जल्दी छिप जाओ!" मैक्स फुसफुसाया। दोनों एक छोटे से छेद में दुबक कर बैठ गए। कुछ ही देर में एक बड़ी बिल्ली उस कमरे में आई। बिल्ली के पंजों की आवाज़ सुनकर दोनों की जान हलक में आ गई। काफी देर तक डर के साये में रहने के बाद बिल्ली वहाँ से चली गई।
सैम धीरे से बाहर आया और बोला, "मैक्स, यहाँ का खाना वाकई बहुत लाजवाब है। लेकिन हर बार खाते समय मौत के डर में जीना मुझे पसंद नहीं है।"
मैक्स हैरान रह गया। सैम ने आगे कहा, "तुम्हारा शहर का जीवन बहुत शानदार है, लेकिन मेरे गाँव का जीवन बहुत शांतिपूर्ण है। मुझे डर के बिना शांति से खाने वाले वे साधारण दाने ही पसंद हैं।" इतना कहकर सैम अपने शांत गाँव की ओर वापस चल दिया।
Moral
डर के बीच ऐशो-आराम से बेहतर शांतिपूर्ण और सरल जीवन है।