एक घने जंगल के किनारे बसे एक छोटे से गाँव में सैम नाम का एक समझदार लड़का रहता था। उसका दोस्त लियो हमेशा नई और रोमांचक चीज़ों की तलाश में रहता था। एक दोपहर, लियो बहुत उत्साह के साथ सैम के पास दौड़कर आया।
"सैम! सैम! चलो पहाड़ों के उस पार वाले विशाल झरने को देखने चलते हैं!" लियो चिल्लाया।
सैम अपनी किताबें पढ़ रहा था। "लियो, वहाँ जाना बहुत दूर का सफर है। इसमें बहुत समय लगेगा और मुझे यहाँ अपना काम पूरा करना है। इसलिए मैं नहीं आ सकता," सैम ने शांति से कहा।
लियो कहाँ मानने वाला था। "अरे सैम, तुम समझ नहीं रहे हो! वह झरना कितना ऊँचा है, पता है? ऐसा लगता है जैसे वह बादलों को छू रहा हो! वह दुनिया का सबसे ऊँचा और सुंदर झरना है!" लियो ने आग्रह किया।
सैम धीरे से मुस्कुराया। "इतना ऊँचा झरना? सुनने में तो अच्छा लगता है, लेकिन मैंने उससे भी कहीं अधिक अद्भुत चीज़ देखी है," सैम ने कहा।
लियो की आँखें फटी की फटी रह गईं। "क्या? तुमने ऐसा कौन सा झरना देखा है? वह कहाँ है?" उसने उत्सुकता से पूछा।
सैम ने खिड़की से बाहर काले बादलों की ओर इशारा किया। तभी आसमान से बारिश की बूंदें गिरने लगीं। "लियो, ऊपर देखो। बारिश हो रही है। ये बारिश की बूंदें उस झरने से भी कहीं ज़्यादा ऊँचाई से गिर रही हैं, जो सीधे आसमान से धरती पर आ रही हैं!" सैम ने समझाया।
लियो चुपचाप खड़ा होकर बारिश को देखने लगा। उसे समझ आ गया कि सैम ने कितनी खूबसूरती से उसे एक बड़ी बात समझा दी। पहाड़ों की दौड़ छोड़कर, लियो वहीं सैम के पास बैठ गया और बारिश का आनंद लेने लगा।
Moral
सच्ची समझदारी हमारे आस-पास की छोटी चीज़ों में सुंदरता खोजने में है।