एक शाम, तीन दोस्त—विमल, राहुल और अर्जुन—एक लंबी यात्रा पर निकले। विमल कार चला रहा था। काफी देर तक गाड़ी चलाने के कारण विमल थक गया था। यह देखकर राहुल ने कहा, "विमल, तुम बहुत देर से गाड़ी चला रहे हो। तुम थोड़ा आराम कर लो, अब मैं गाड़ी चला लेता हूँ।"
लेकिन विमल ने कहा, "नहीं राहुल, मैं ठीक हूँ। मुझे सबको सुरक्षित घर पहुँचाना है।"
जब वे एक गाँव के रास्ते से गुजर रहे थे, तभी अचानक एक गाय सड़क के बीच में आ गई। विमल ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन कार गाय से हल्की टकरा गई। गाय दर्द से कराहने लगी।
विमल घबरा गया और उसने तुरंत कार रोक दी। "हे भगवान! हमने बहुत बड़ी गलती कर दी!" वह पछताते हुए बोला। अर्जुन और राहुल भी कार से नीचे उतरे।
अर्जुन ने कहा, "हमें यहीं रुकना चाहिए और मालिक को ढूँढना चाहिए। भागना सही नहीं होगा।"
वे सड़क के किनारे इंतज़ार करने लगे। कुछ देर बाद एक किसान वहाँ आया। विमल ने बहुत ही विनम्रता से उसे पूरी बात बताई। विमल ने कहा, "श्रीमान, अनजाने में आपकी गाय को चोट लग गई है। कृपया हमें क्षमा करें। हम उसके इलाज का सारा खर्च उठाएंगे।"
किसान ने मुस्कुराते हुए कहा, "कोई बात नहीं साहब, यह एक दुर्घटना थी। चिंता न करें।"
भले ही किसान ने उन्हें माफ कर दिया था, लेकिन विमल के मन को शांति नहीं मिली। उसने किसान का नाम और पता लिख लिया। अगली सुबह, विमल ने सबसे पहले उस किसान को पत्र और गाय के इलाज के लिए पैसे भेजे। अपनी गलती को स्वीकार करना और उसे सुधारना ही विमल की महानता थी।
Moral
अपनी गलती को स्वीकार करना और उसे सुधारना ही सच्ची मानवता है।