एक विशाल पेड़ के नीचे चूहों का एक परिवार रहता था। उस परिवार में लूना नाम की एक बहुत ही सुंदर चुहिया थी। उसकी माँ को लगता था कि उसकी बेटी इतनी सुंदर है कि उसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली जीवनसाथी मिलना चाहिए।
एक दिन, माँ ने चमकते हुए सूरज को देखा और कहा, "हे सूरज देव! आप इतने तेजस्वी हैं, कृपया मेरी बेटी लूना से विवाह कर लें!" सूरज मुस्कुराया और बोला, "मैं तेजस्वी हूँ, लेकिन बादलों में मुझसे भी अधिक शक्ति है, क्योंकि वे मुझे ढंक सकते हैं।"
माँ चूहा बादलों के पास गई और कहा, "बादलों राजा! आप सूरज को छिपा सकते हैं, इसलिए आप सबसे शक्तिशाली हैं। मेरी बेटी से शादी कर लीजिए!" बादलों ने उत्तर दिया, "हम शक्तिशाली हैं, लेकिन हवा हमें जहाँ चाहे वहाँ उड़ा ले जाती है। असली शक्ति तो हवा के पास है।"
वह हवा के पास पहुँची और बोली, "हे पवन देव! आप बादलों को उड़ाते हैं, आप ही सबसे महान हैं!" हवा ने कहा, "मैं शक्तिशाली हूँ, लेकिन मैं एक मजबूत दीवार को भी नहीं हिला सकता। वह दीवार ही मुझे रोक सकती है।"
tब वह एक बड़ी पत्थर की दीवार के पास गई और कहा, "दीवार जी, आप बहुत मजबूत हैं, मेरी बेटी से विवाह कर लीजिए!" दीवार हँसते हुए बोली, "मैं मजबूत दिखती हूँ, लेकिन मुझे गिराने की शक्ति तुम जैसे छोटे चूहों के पास है। तुम बिल खोदकर मुझे कमजोर कर देते हो। इसलिए अपने लिए एक चूहा ही ढूँढो।"
माँ चूहा अपनी गलती समझ गई। वह घर लौटी और देखा कि एक समझदार छोटा चूहा अपने दादाजी के साथ बैठा है। उसने लूना की शादी उसी समझदार चूहे से कर दी। उसने सीख लिया कि हर किसी के पास अपनी एक अलग ताकत होती है।
Moral
हर किसी के पास अपनी एक अनोखी शक्ति होती है; किसी को भी छोटा नहीं समझना चाहिए।