Skip to content
आज की चंद्र अवस्था NilaTales हिन्दी
Moral Story

चालाक बंदर और झगड़ालू बिल्लियाँ

The Greedy Judge and the Hungry Friends

एक छोटे से गाँव में मिटन्स और स्नो नाम की दो बिल्लियाँ रहती थीं। वे बहुत अच्छी दोस्त थीं और हमेशा साथ मिलकर रहती थीं।

4–10 yr 2 min medium
आपसी झगड़े में हमेशा तीसरे का फायदा होता है।
चालाक बंदर और झगड़ालू बिल्लियाँ — NilaTales cover art
4–10 yr 2 min medium

पढ़ने का स्वरूप

अपना पसंदीदा फ़ॉन्ट चुनें

अपनी पसंद के फ़ॉन्ट में कहानी पढ़ें।

एक छोटे से गाँव में मिटन्स और स्नो नाम की दो बिल्लियाँ रहती थीं। वे बहुत अच्छी दोस्त थीं और हमेशा साथ मिलकर रहती थीं।

एक दिन उन्हें बहुत तेज़ भूख लगी। उन्होंने पूरे गाँव में खाना ढूँढा, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। तभी उन्हें एक बड़े से घर के बाहर एक बड़ा बिस्किट का टुकड़ा मिला। बिस्किट देखते ही दोनों के मन में लालच आ गया। मिटन्स ने कहा, "यह मेरा है!" स्नो चिल्लाई, "नहीं, यह मेरा है!" दोनों के बीच ज़ोरदार झगड़ा होने लगा।

पास के पेड़ पर बैठा एक बंदर, मोंटी, यह सब देख रहा था। मोंटी बहुत चालाक था। उसने सोचा कि क्यों न इस मौके का फायदा उठाया जाए। वह नीचे आया और बहुत प्यार से बोला, "प्यारे दोस्तों, लड़ो मत! मैं इस बिस्किट को बिल्कुल बराबर हिस्सों में बाँट देता हूँ।"

बिल्लियों ने उसकी बात मान ली। मोंटी एक छोटी तराजू लेकर आया। उसने बिस्किट के दो टुकड़े किए और उन्हें तराजू के दोनों पलड़ों में रख दिया। एक पलड़ा भारी होने के कारण नीचे झुक गया। मोंटी बोला, "ओह! यह टुकड़ा तो बहुत बड़ा है," और उसने उस टुकड़े से एक बड़ा हिस्सा खा लिया।

अब दूसरा पलड़ा भारी हो गया। मोंटी ने कहा, "अरे! अब यह वाला बड़ा हो गया," और उसने दूसरे टुकड़े से भी एक बड़ा हिस्सा खा लिया। वह बार-बार ऐसा ही करता रहा। बिल्लियाँ हैरानी से देखती रहीं और बिस्किट धीरे-धीरे खत्म होता गया।

जब बिल्लियों को समझ आया कि मोंटी उन्हें बेवकूफ बना रहा है, तो वे बोलीं, "मोंटी, बस करो! हमें बराबर हिस्सा नहीं चाहिए, जो बचा है वही हमें दे दो, हम खुद बाँट लेंगे।"

मोंटी हँसा और बोला, "इतनी देर से इस तराजू को बराबर करने के लिए मैंने कितनी मेहनत की है! मेरी मेहनत की मज़दूरी के रूप में यह बचा हुआ टुकड़ा मेरा हुआ!" इतना कहकर मोंटी ने आखिरी टुकड़ा भी खा लिया और पेड़ पर चढ़ गया।

मिटन्स और स्नो बहुत दुखी हुईं। उन्हें समझ आ गया कि अगर वे आपस में न लड़तीं, तो बिस्किट का आनंद ले सकती थीं।

Moral

आपसी झगड़े में हमेशा तीसरे का फायदा होता है।

The Lesson

आपसी झगड़े में हमेशा तीसरे का फायदा होता है।

---

இதுபோன்ற கதைகள் · More like this

பாதுகாப்பு கோபுரமும் பொறுப்பற்ற மரங்கொத்தியும்
MORAL

பாதுகாப்பு கோபுரமும் பொறுப்பற்ற மரங்கொத்தியும்

ஒரு அடர்ந்த பச்சைக்காட்டில் பல வண்ணப் பறவைகள் மகிழ்ச்சியாக வாழ்ந்து வந்தன. அந்தப் பறவைகள் அங்கிருந்த பழங்களையும் விதைகளையும் பகிர்ந்து உண்டு வாழ்ந்து வந்தன. ஆனால், அந்த அமைதி ஒருநாள் கலைந்தது. ஒரு கூட…

4–10 yr 2 min read
அறிவாளியும் விசித்திரமான நண்பனும்
MORAL

அறிவாளியும் விசித்திரமான நண்பனும்

ஒரு காலத்தில் சோமநாth என்ற அறிவாளி இருந்தார். அவருடைய புத்திசாலித்தனத்தைப் பற்றிப் பேசும் செய்திகள் பல நாடுகளுக்குப் பரவி இருந்தன. இதைக் கேட்ட பக்கத்து நாட்டு அரசன் விக்கிரமன், சோமநாth ஒரு போலி அறிவாள…

4–10 yr 3 min read
புத்திசாலித்தனத்தின் விலை
MORAL

புத்திசாலித்தனத்தின் விலை

ஒரு அழகான கிராமத்தில், விவசாயம் மற்றும் கால்நடை வளர்ப்பில் சிறந்து விளங்கிய ஒரு பெரியவர் தன் இரு மகன்களுடன் வாழ்ந்து வந்தார். அந்தத் தம்பிகள் இருவரும் மிகவும் சுறுசுறுப்பானவர்கள். ஆனால், மூத்த மகன் கத…

4–10 yr 3 min read
---

படிக்க பரிந்துரைகள்

Recommended books for kids

As an Amazon Associate, NilaTales earns from qualifying purchases. Links above are affiliate links.

Ad — nilatales.com

கதைகளை மிஸ் செய்யாதீர்கள்

Never miss a story

Get new bedtime stories delivered to your inbox every week — in Tamil, English, Malayalam, Hindi, Telugu, and Kannada.

No spam. Unsubscribe anytime. தனியுரிமை உங்களுக்கு.

---