एक सुंदर घाटी में सैम्युअल नाम का एक मेहनती किसान रहता था। वह अपने बगीचे में बहुत मेहनत से सब्जियां उगाता था। लेकिन पास के जंगल के जानवर अक्सर उसके बगीचे में घुसकर फसलों को नुकसान पहुँचाते थे।
अपने बगीचे की रक्षा के लिए, सैम्युअल ने बगीचे के चारों ओर एक बड़ा जाल बिछा दिया। अगली सुबह जब वह बगीचे में गया, तो उसने देखा कि एक खरगोश, एक लोमड़ी और एक जंगली सूअर जाल में फँसे हुए हैं।
सैम्युअल ने गुस्से में पूछा, "तुम लोग मेरा बगीचा बर्बाद करने क्यों आए हो?"
खरगोश डर से कांपते हुए बोला, "कृपया मुझे माफ कर दीजिए, मालिक! मुझे बहुत भूख लगी थी, इसलिए मैंने बस कुछ गाजरें खा लीं," खरगोश ने सच कहा।
लोमड़ी ने चालाकी से मुस्कुराते हुए कहा, "गुस्सा मत होइए सैम्युअल! मैंने देखा कि आपके बगीचे में पानी की कमी है। मैं यहाँ एक छोटा कुआँ खोदने आया था ताकि पौधों को मदद मिल सके।"
जंगली सूअर ने लालच भरी आँखों से कहा, "और मालिक, मैंने आपकी मिट्टी के नीचे चमकते हुए हीरे देखे हैं! मैं उन्हें खोदकर निकालने और आपको देने आया था!"
सैम्युअल बहुत समझदार था। वह तुरंत समझ गया कि लोमड़ी और सूअर झूठ बोल रहे हैं। उसे पता था कि खरगोश ही एकमात्र ऐसा जानवर है जिसने सच बोला है। उसने खरगोश को प्यार से आजाद कर दिया, लेकिन लोमड़ी और सूअर को कड़ी फटकार लगाई और उन्हें अपने खेत से दूर भगा दिया। उसके बाद, वे जानवर कभी वापस नहीं आए।
Moral
सच्चाई हमेशा काम आती है, जबकि झूठ केवल मुसीबत लाता है।