बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में लियो नाम का एक लड़का रहता था। उस राज्य में एक नया राजा आया, जिसका नाम विक्रम था। लोग राजा के बारे में तरह-तरह की बातें करते थे। कुछ कहते थे कि राजा बहुत सख्त है, तो कुछ कहते थे कि वह बहुत दयालु है। लियो सच जानना चाहता था।
एक दिन, लियो ने राजा का भव्य जुलूस देखा। जुलूस के बीच में एक सुंदर पालकी थी। लियो ने देखा कि पालकी उठाने वाले सेवक बहुत ही सम्मान और खुशी के साथ चल रहे थे। वे थके हुए या दुखी नहीं लग रहे थे, बल्कि एक-दूसरे का साथ दे रहे थे। पालकी के भीतर राजा विक्रम बैठे थे। जब उन्होंने देखा कि सेवक गर्मी से परेशान हैं, तो उन्होंने तुरंत उन्हें पानी और आराम देने का आदेश दिया।
लियो को तब समझ आया कि राजा कितने महान हैं, यह जानने के लिए उसे कोई बड़ी किताब पढ़ने की ज़रूरत नहीं थी। पालकी उठाने वालों के चेहरे की शांति और राजा का उनके प्रति प्रेम देखकर ही सब समझ आ गया। राजा के अच्छे चरित्र का प्रमाण उनके द्वारा किए गए कार्यों और उनके प्रति लोगों के सम्मान में छिपा था।