एक शांत गाँव में लियो नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत दयालु था। एक शाम, जब वह नदी के किनारे टहल रहा था, उसने एक नन्ही चिड़िया को देखा जिसका पंख घायल था और वह ज़मीन पर तड़प रही थी।
लियो ने उसे अकेला नहीं छोड़ा। उसने बड़े प्यार से उसे उठाया, उसके लिए एक छोटा सा घोंसला बनाया और रोज़ उसे दाना और पानी दिया। कई दिनों तक उसने उस चिड़िया की देखभाल अपने बच्चे की तरह की। धीरे-धीरे चिड़िया ठीक हो गई और उड़ने लगी।
कुछ हफ़्तों बाद, जब लियो जंगल में खेल रहा था, उसका पैर फिसल गया और वह एक गहरे गड्ढे में गिर गया। वह बाहर नहीं निकल पा रहा था और आसपास कोई नहीं था। लियो डर के मारे रोने लगा। तभी, वही चिड़िया अपने साथियों के साथ आसमान में ज़ोर-ज़ोर से चहचहाते हुए आई। चिड़ियों का शोर सुनकर लियो के पिता और गाँव वाले वहाँ दौड़कर आए और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
उस दिन लियो ने महसूस किया कि उसकी छोटी सी दयालुता ने आज उसकी जान बचा ली।