एक सुंदर गाँव में करिकालन नाम का एक युवक रहता था। उसके पास एक छोटा सा बगीचा था। करिकालन बहुत मेहनती था, लेकिन उसका दोस्त सोमू हमेशा धन और विलासिता के पीछे भागता रहता था। एक दिन सोमू ने करिकालन से कहा, 'तुम इस छोटे से बगीचे में क्यों समय बर्बाद कर रहे हो? मेरे साथ आओ, हम बहुत जल्दी अमीर बन सकते हैं!'
करिकालन को सोमू की योजना ठीक नहीं लगी। उसने अपने काम और अपनी ईमानदारी पर ध्यान देने का फैसला किया। दूसरी ओर, सोमू अपनी लालच के वश में हो गया और उसने सारा पैसा एक गलत काम में लगा दिया। जल्द ही, सोमू ने अपना सब कुछ खो दिया और वह कंगाल हो गया। उसकी लालसा ही उसके विनाश का कारण बनी। लेकिन करिकालन ने अपनी मेहनत और धैर्य से एक सुखी जीवन पाया। उसने देख लिया कि कैसे इच्छाएं इंसान को ले डूबती हैं।