एक सुंदर से गाँव में लियो नाम का एक लड़का अपने दादाजी के साथ रहता था। एक दिन गाँव में एक बहुत ही प्रभावशाली यात्री आया। उसने रेशमी और कीमती कपड़े पहने थे और बहुत ही रौबदार तरीके से बात करता था। गाँव के लोग उसे देखकर कहने लगे, 'देखो, वह कितना महान और विद्वान व्यक्ति है!'
उसी गाँव में सैम नाम का एक लड़का भी रहता था। वह बहुत ही साधारण था, हमेशा साधारण कपड़े पहनता था और मिट्टी में काम करता रहता था। लोग उसे अनदेखा कर देते थे, जैसे वह कोई काम का न हो।
एक दिन गाँव का मुख्य कुआँ खराब हो गया, जिससे पानी की किल्लत हो गई। वह प्रभावशाली यात्री आगे आया। उसने बहुत सुंदर और लंबी बातें कीं, पानी की अहमियत बताई, लेकिन उसे कुआँ ठीक करना नहीं आता था। वह दिखने में तो बहुत अच्छा था, पर उसके काम नहीं आए।
तभी सैम आगे आया। उसने बिना कुछ ज्यादा बोले, अपने छोटे-छोटे औजार उठाए और मेहनत से काम में जुट गया। कुछ ही देर में कुआँ फिर से चलने लगा। तब गाँव वालों को समझ आया कि इंसान कैसा दिखता है, यह मायने नहीं रखता; बल्कि वह क्या काम करता है, वही उसकी असली पहचान है।