एक छोटे से गाँव में लियो नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ही शांत और दयालु था। उसी गाँव में जैक नाम का एक लड़का भी था, जो अक्सर लियो को परेशान करता और उसकी चीज़ें छीन लेता था। एक दिन, लियो ने मिट्टी से एक बहुत सुंदर चिड़िया बनाई थी। जैक ने जानबूझकर उसे ज़मीन पर पटक कर तोड़ दिया। लियो को बहुत गुस्सा आया और उसका मन हुआ कि वह भी जैक की कोई चीज़ तोड़ दे। पर उसने सोचा, 'अगर मैं भी बुराई का जवाब बुराई से दूँगा, तो मैं भी उसके जैसा ही बन जाऊँगा।'
कुछ दिनों बाद, तेज़ बारिश के दौरान जैक दौड़ते समय फिसल गया और एक गहरे गड्ढे में गिर गया। उसके पैर में चोट लग गई और वह दर्द से कराहने लगा। लियो ने उसकी आवाज़ सुनी और तुरंत दौड़कर वहाँ पहुँचा। उसने जैक की मदद की और उसे सुरक्षित उसके घर तक पहुँचाया। जैक की माँ ने उसके घाव पर दवा लगाई। जैक को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई। उसने लियो से पूछा, 'लियो, मैंने तुम्हारे साथ इतना बुरा किया, फिर भी तुमने मेरी मदद क्यों की?' लियो ने मुस्कुराते हुए कहा, 'बुराई का बदला बुराई से न देना ही मेरा स्वभाव है।' जैक को अपनी गलती का एहसास हुआ और दोनों पक्के दोस्त बन गए।