बहुत समय पहले, शांतिपुर नाम का एक राज्य था, जहाँ आर्यन नाम का एक राजा राज करता था। वह बहुत बहादुर था, लेकिन उसका स्वभाव बहुत कठोर था। उसकी बातें तलवार की तरह चुभती थीं और वह बहुत गुस्सैल था। लोग उससे डरते थे और महल के पास जाने की हिम्मत भी नहीं करते थे।
एक दिन, लियो नाम का एक छोटा लड़का अपने पिता को खो देने के कारण महल के दरवाजे पर रो रहा था। पहरेदारों ने उसे रोकने की कोशिश की। राजा आर्यन वहाँ आया और कड़क आवाज़ में पूछा, "तुम यहाँ शोर क्यों मचा रहे हो?" लियो डर के मारे कांपने लगा। लियो की आँखों में डर देखकर आर्यन का हृदय परिवर्तन हो गया। वह नीचे झुका और बहुत ही कोमल स्वर में बोला, "डरो मत नन्हे बालक, हम तुम्हारे पिता को ढूँढ लेंगे।"
उस दिन के बाद आर्यन पूरी तरह बदल गया। उसने महल के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिए। उसने कठोर शब्दों की जगह मीठी वाणी का प्रयोग करना शुरू किया। वह एक ऐसा राजा बन गया जिससे कोई भी बिना डरे मिल सकता था। उसकी दयालुता और मधुर वाणी की चर्चा दूर-दूर तक फैल गई और पूरी दुनिया उसके राज्य का सम्मान करने लगी।