एक सुंदर से गाँव में अर्जुन नाम का एक किसान रहता था। अर्जुन बहुत ही समझदार और दूरदर्शी था। उसका दोस्त रवि थोड़ा लापरवाह स्वभाव का था। एक बार, मौसम अचानक बदलने लगा। आसमान में काले बादल छाने लगे और हवाओं का रुख भी बदल गया। अर्जुन ने गौर किया कि पक्षी अपने घोंसलों की ओर तेज़ी से भाग रहे हैं। उसे समझ आ गया कि कोई बड़ा तूफान आने वाला है।
अर्जुन ने रवि से कहा, 'रवि, मुझे लगता है कि बहुत तेज़ बारिश और तूफान आने वाला है। मुझे अपने अनाज और फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखना होगा।' रवि हँसते हुए बोला, 'अरे अर्जुन! अभी तो धूप खिली है, तुम बेकार में डर रहे हो। चलो खेलने चलते हैं!' अर्जुन ने उसकी बात नहीं मानी। उसने कड़ी मेहनत की, अपने अनाज को ऊँचे और सूखे स्थान पर रखा और खेतों के पास की नालियों को साफ कर दिया ताकि पानी जमा न हो।
कुछ ही दिनों बाद, ज़ोरदार बारिश और तूफान आया। रवि के खेत में पानी भर गया और उसका सारा अनाज खराब हो गया। उसका घर भी काफी नुकसान झेल गया। लेकिन अर्जुन ने पहले से तैयारी कर रखी थी, इसलिए उसे कोई नुकसान नहीं हुआ। जब रवि दुखी होकर उसके पास आया, तो अर्जुन ने उसकी मदद की और समझाया, 'जो आने वाली मुसीबत को देखकर पहले से तैयार रहते हैं, उन्हें कोई बड़ी आपदा नहीं डरा सकती।'