बहुत समय पहले, पहाड़ों के बीच 'हरियाली' नाम का एक छोटा सा गाँव था। वहाँ थॉमस नाम के एक बुद्धिमान बुजुर्ग रहते थे। उस गाँव में न तो कोई बड़ी किलेबंदी थी और न ही कोई बड़ी सेना। वहाँ के लोग बहुत ही सरल और मिलनसार थे।
पास के एक राज्य का राजकुमार विक्रमी अपनी शक्ति बढ़ाना चाहता था, इसलिए उसने हरियाली गाँव पर कब्ज़ा करने का फैसला किया। उसके सेनापति ने कहा, "राजकुमार, इस गाँव में न तो कोई मजबूत किला है और न ही कोई सैनिक। हम इसे आसानी से जीत सकते हैं।"
विक्रम अपनी सेना लेकर गाँव की ओर चल पड़ा। लेकिन जैसे ही वे गाँव की सीमा में घुसे, सब कुछ बदल गया। गाँव वालों को अपने इलाके के हर रास्ते, हर झाड़ी और हर गुप्त मार्ग का पता था। वे एकजुट होकर अपने गाँव की रक्षा करने लगे। सेना को न तो सही रास्ता मिल रहा था और न ही भोजन या पानी। सैनिक भ्रमित हो गए और थकने लगे। अंत में, बिना किसी बड़े युद्ध के, भारी नुकसान की आशंका देख विक्रम को पीछे हटना पड़ा।
थॉमस ने उसे समझाया कि असली ताकत केवल हथियारों में नहीं, बल्कि उस साहस में होती है जो इंसान को अपनी मिट्टी से लड़ते समय मिलता है।