बहुत समय पहले, हरियाली नामक एक सुंदर गाँव में, गाँव के बुजुर्गों को एक नया नेता चुनना था। तीन युवक इसके लिए आगे आए: कवि, विक्रम और अर्जुन।
कवि बहुत बुद्धिमान था, लेकिन उसे केवल धन और शक्ति बटोरने की चाह थी। विक्रम बहुत ज्ञानी था, लेकिन वह बहुत जल्दबाज़ी में निर्णय लेता था। वहीं अर्जुन का स्वभाव अलग था।
एक बार गाँव में भीषण सूखा पड़ा। फसलें सूख गईं और लोग भूखे रहने लगे। कवि ने अपनी संपत्ति बचाने की योजना बनाई। विक्रम ने घबराहट में गलत जगह कुएँ खोदने का आदेश दिया, जिससे समय और मेहनत दोनों बर्बाद हुए। लेकिन अर्जुन ने गाँव के हर भूखे बच्चे का दुख महसूस किया (प्रेम)। उसने पुराने नक्शों का अध्ययन किया ताकि पानी का स्रोत मिल सके (ज्ञान)। उसने बिना किसी हड़बड़ी के बहुत सोच-समझकर योजना बनाई (स्पष्टता)। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि अर्जुन ने अपना अनाज भी दूसरों के साथ बाँट लिया (लोभ का अभाव)।
अर्जुन के इन गुणों को देखकर ग्रामीणों ने उसे अपना नेता चुन लिया। अर्जुन के नेतृत्व में गाँव फिर से खुशहाल हो गया।