एक सुंदर गाँव में मारन नाम का एक युवक रहता था। वह गाँव के मुखिया, माणिक्य का सबसे भरोसेमंद सहायक था। लेकिन एक बार, कुछ गलतफहमियों और आर्थिक तंगी के कारण, मारन गाँव छोड़कर चला गया। कई साल बीत गए। एक दिन, बहुत थका हुआ और उदास मारन वापस गाँव आया। वह डरते हुए माणिक्य के पास गया और कहा, 'श्रीमान, मैंने जो गलतियाँ कीं उनके लिए मुझे क्षमा करें। मुझे काम की ज़रूरत है।'
माणिक्य ने मारन के चेहरे की ओर देखा। उन्हें पुरानी बातें याद आईं, लेकिन उन्होंने गुस्सा नहीं किया। उन्होंने गहराई से सोचा कि मारन वापस क्यों आया है। उन्होंने देखा कि मारन अब एक बदला हुआ और सच्चा इंसान है। माणिक्य ने मुस्कुराते हुए कहा, 'मारन, तुम्हारे वापस आने से मुझे खुशी हुई। मैं तुम्हें काम दूँगा। चलो, फिर से एक नई शुरुआत करते हैं।' मारन की आँखों में आँसू आ गए। माणिक्य ने यह सिखाया कि यदि कोई व्यक्ति हमें छोड़कर गया हो और वह किसी कारण से वापस आए, तो उसे उसकी ज़रूरत पूरी करके प्यार से स्वीकार कर लेना चाहिए।