बहुत समय पहले, एक सुंदर गाँव में विक्रम नाम का एक युवा राजा राज करता था। विक्रम बहुत दयालु था, लेकिन उसे एक समस्या थी: उसे अक्सर यह नहीं पता चलता था कि उसके गाँव के दूरदराज के कोनों में वास्तव में क्या हो रहा है।
एक बार, गाँव में यह अफवाह फैल गई कि कुएँ सूख रहे हैं। विक्रम चिंतित था। क्या यह सच था या सिर्फ एक अफवाह? सच्चाई जानने के लिए, उसने अपने सबसे भरोसेमंद जासूस, अर्जुन को बुलाया। अर्जुन बहुत चतुर था। वह गाँव के हर कोने में गया, लोगों से बात की और सच्चाई का पता लगाया। वह वापस आया और बताया कि मुख्य जलाशय में एक छोटी सी दरार के कारण पानी बर्बाद हो रहा है।
जहाँ अर्जुन ने उसे 'वर्तमान स्थिति' बताई, वहीं विक्रम ने अपनी लाइब्रेरी की पुरानी और महान पुस्तकों को पढ़ना शुरू किया। उन पुस्तकों ने उसे सिखाया कि संकट के समय लोगों की देखभाल कैसे की जाती है और संसाधनों का प्रबंधन कैसे किया जाता है। अर्जुन की ताज़ा जानकारी और पुस्तकों का प्राचीन ज्ञान, दोनों ने मिलकर विक्रम की मदद की।
अर्जुन की बात मानकर विक्रम ने दरार को ठीक कर दिया, और पुस्तकों की सीख का पालन करते हुए उसने पानी बचाने की नई व्यवस्था लागू की। गाँव फिर से खुशहाल हो गया। विक्रम समझ गया कि एक अच्छे शासक के लिए सच्चाई जानने के लिए एक जासूस और सही रास्ता चुनने के लिए ज्ञान की पुस्तकें, दोनों उसकी आँखों की तरह हैं।