एक घने जंगल में गजेंद्र नाम का एक विशाल हाथी रहता था। गजेंद्र बहुत शक्तिशाली था और उसके दांत चांदी की तरह चमकते और बहुत नुकीले थे। जंगल के सभी जानवर उसके भारी शरीर को देखकर सम्मान करते थे। एक दोपहर, जब गजेंद्र नदी के किनारे आराम कर रहा था, शेरू नाम का एक छोटा बाघ उसके पास आया। गजेंद्र जोर से हँसा और बोला, 'अरे छोटे जीव! तू कितना छोटा है और मैं कितना विशाल! मेरे इन नुकीले दांतों के सामने तेरी क्या बिसात?'
शेरू डरा नहीं। उसने बस शांत रहकर गजेंद्र की आँखों में आँखें डालकर देखा। जैसे ही बाघ ने एक कदम आगे बढ़ाया, गजेंद्र के मन में अचानक डर की लहर दौड़ गई। उसे अहसास हुआ कि उसका विशाल शरीर और नुकीले दांत भी उसे एक छोटे से बाघ के हमले से नहीं बचा सकते। बाघ की आँखों की चमक देखकर गजेंद्र घबरा गया और वहाँ से भाग निकला। उस दिन उसने सीखा कि ताकत केवल शरीर के आकार में नहीं होती।