एक सुंदर गाँव में कदीर और उसका छोटा भाई मारन रहते थे। उनके पिता एक किसान थे। एक दिन पिता ने दोनों को एक-एक छोटा खेत दिया और कहा, 'जो भी इस खेत में सबसे अच्छी फसल उगाएगा, उसे एक बड़ा इनाम मिलेगा।'
कदीर बहुत मेहनती था। वह रोज़ सुबह जल्दी उठता, खेत जोतता, बीज बोता और नियमित रूप से पानी देता। चाहे तेज़ धूप हो या भारी बारिश, वह कभी काम से पीछे नहीं हटता था। दूसरी ओर, मारन बहुत आलसी था। वह हमेशा कहता, 'कल कर लूँगा,' और सो जाता। जब उसके दोस्त खेलने बुलाते, तो वह खेत जाने के बजाय खेलने चला जाता।
कुछ महीने बीत गए। कदीर का खेत हरियाली से भर गया था। उसकी मेहनत ने बहुत अच्छी फसल दी थी। लेकिन मारन का खेत सूखा और बंजर पड़ा था, जहाँ केवल खरपतवार और कांटे ही उगे थे। मारन को बहुत दुख हुआ और शर्मिंदगी महसूस हुई। कदीर ने उसे डाँटने के बजाय प्यार से कहा, 'दुखी मत हो मारन, मेहनत ही किस्मत बदल सकती है।'
उस दिन के बाद मारन ने अपनी गलती सुधार ली। उसने कदीर के साथ मिलकर कड़ी मेहनत करना शुरू किया। अंत में, दोनों भाइयों ने मिलकर अपने परिवार की ज़मीन को खुशहाल बना दिया।