विक्रम नाम के एक राजा के राज्य में भीषण सूखा पड़ा। नदियाँ और कुएँ सूख गए, जिससे प्रजा परेशान हो गई। राजा ने अपने मंत्रियों से पूछा, "हम इस संकट से कैसे निपटें?"
अर्जुन नाम का एक युवा मंत्री आगे आया। उसने सबसे पहले जमीन की स्थिति और पानी के बहाव को गहराई से समझा (समझना)। फिर उसने वर्षा जल को बचाने के लिए छोटे तालाबों और नहरों की एक बेहतरीन योजना बनाई (कार्य करना)। निर्माण के दौरान, मजदूर थक गए और हार मानने लगे। तब अर्जुन ने उन्हें बड़े विश्वास के साथ कहा, "अगर हम आज यह नहर पूरी कर लेते हैं, तो हमारे बच्चों को कभी प्यासा नहीं रहना पड़ेगा। मैं वादा करता हूँ, यह मेहनत रंग लाएगी" (भरोसा दिलाना)। उसकी बातों से जोश भर गया और काम पूरा हुआ। जब बारिश हुई, तो पूरा राज्य खुशहाल हो गया। राजा ने समझा कि एक सच्चा मंत्री वही है जो समझे, करे और सही समय पर भरोसा दिलाए।