एक सुंदर से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। उसे दूसरों को सलाह देना बहुत पसंद था। एक दिन, उसने देखा कि उसका दोस्त रोहन एक छोटा सा पौधा लगा रहा है। अर्जुन दौड़कर आया और बड़े ज्ञानी की तरह बोला, "रोहन, तुम्हें पौधे में बहुत ज़्यादा पानी नहीं डालना चाहिए, वरना जड़ें सड़ जाएँगी। और मिट्टी को भी नरम रखना ज़रूरी है!"
रोहन ने अर्जुन की बात मान ली और पौधे का बहुत ध्यान रखा। लेकिन अगले दिन जब तेज़ बारिश हुई, तो अर्जुन ने पौधे की चिंता करने के बजाय अपने दोस्तों के साथ बारिश में खेलने का फैसला किया। वह खुद अपनी ही दी हुई सलाह भूल गया। अगली सुबह जब उन्होंने देखा, तो पौधा मुरझा रहा था क्योंकि मिट्टी बहुत सख्त हो गई थी और पानी जमा हो गया था।
रोहन ने उदास होकर कहा, "अर्जुन, तुम्हारे लिए यह कहना बहुत आसान था, लेकिन इसे करना बहुत कठिन है। तुमने सलाह तो दी, पर खुद उस पर अमल नहीं किया।"
अर्जुन को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने समझा कि बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है, लेकिन उन बातों को जीवन में उतारना ही असली चुनौती है। उस दिन के बाद, अर्जुन ने केवल बोलने के बजाय करके दिखाने का संकल्प लिया।