एक सुंदर से गाँव में करी नाम का एक लड़का रहता था। उसके पिता एक किसान थे। एक शाम, अपने पिता को काम करते देख करी ने पूछा, "पिताजी, जब आप थक जाते हैं, तब भी काम क्यों करते हैं?" पिता मुस्कुराए और बोले, "करी, जीवन में कुछ काम ऐसे होते हैं जिन्हें हम टाल सकते हैं, लेकिन कुछ काम ऐसे होते हैं जिन्हें टालना नहीं चाहिए। तुम्हें यह अंतर समझना होगा।"
कुछ दिनों बाद, करी की माँ ने उसे याद दिलाया, "करी, अपना विज्ञान का प्रोजेक्ट आज ही पूरा कर लो, कल जमा करना है।" "मैं बाद में कर लूँगा माँ," कहकर करी अपने दोस्त अर्जुन के साथ खेलने चला गया।
खेलने में इतना मग्न हो गया कि करी प्रोजेक्ट के बारे में भूल ही गया। रात को जब वह घर आया, तो उसे बहुत नींद आ रही थी। उसने सोचा, "प्रोजेक्ट कल सुबह कर लूँगा," और वह सो गया। लेकिन अगली सुबह जब वह उठा, तो वह घबरा गया। जल्दबाजी में प्रोजेक्ट बनाने के कारण उसमें बहुत गलतियाँ हो गईं और उसे बहुत बुरा लगा।
अगले हफ्ते, करी ने देखा कि अर्जुन ने आलस के कारण फुटबॉल का अभ्यास छोड़ दिया था। अभ्यास न करने के कारण अर्जुन मैच में अच्छा नहीं खेल पाया। तब करी को समझ आया कि खेलना टाला जा सकता है, लेकिन अपनी ज़िम्मेदारियों को कभी नहीं टालना चाहिए। उस दिन के बाद से, करी ने हमेशा अपने ज़रूरी काम पहले पूरे करना शुरू कर दिया।