एक सुंदर से गाँव में केविन नाम का एक लड़का रहता था। उसका रयान नाम का एक दोस्त था। रयान हमेशा केविन से बहुत मीठी बातें करता था, 'केविन, तुम जब भी मुसीबत में होगे, मैं तुम्हारे साथ खड़ा रहूँगा।' केविन रयान की बातों पर पूरा भरोसा करता था।
एक दिन गाँव में एक खेल प्रतियोगिता हुई। जीतने वाले को एक सुंदर कहानी की किताब मिलने वाली थी। प्रतियोगिता के दौरान केविन अचानक फिसल कर गिर गया। रयान को दौड़कर उसकी मदद करनी चाहिए थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय, रयान दूसरे बच्चों के साथ मिलकर केविन पर हँसने लगा और उसका मज़ाक उड़ाने लगा।
केविन बहुत दुखी होकर घर गया। उस रात उसे बहुत बुरा सपना आया। सपने में भी उसे रयान का हँसता हुआ चेहरा दिखाई दे रहा था। रयान के शब्दों और उसके काम में इतना अंतर था कि केविन का मन अशांत हो गया। उसे समझ आ गया कि जो लोग कहते कुछ हैं और करते कुछ और हैं, उनके साथ दोस्ती करना केवल दुख देता है।