एक सुंदर से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। अर्जुन के पास बहुत सारे खिलौने, मिठाइयाँ और महँगी चीज़ें थीं। लेकिन अर्जुन बिना सोचे-समझे काम करता था। एक दिन उसका दोस्त रोहन एक लकड़ी के टुकड़े के साथ खेलने आया।
रोहन ने कहा, 'अर्जुन, चलो इस लकड़ी से एक सुंदर नाव बनाते हैं!' अर्जुन हँसते हुए बोला, 'मेरे पास इतने महंगे खिलौने हैं, तुम्हें इस लकड़ी की क्या ज़रूरत?' लेकिन रोहन ने अपनी बुद्धि का इस्तेमाल किया और उस लकड़ी को एक सुंदर नाव में बदल दिया जो पानी में तैरने लगी। अर्जुन ने अपने महँगे खिलौने पानी में डाले, लेकिन वे सब डूब गए।
तब अर्जुन को समझ आया कि उसके पास धन और वस्तुएँ तो बहुत हैं, लेकिन उन्हें सही ढंग से इस्तेमाल करने की बुद्धि नहीं है। उसने महसूस किया कि ज्ञान की कमी ही सबसे बड़ी गरीबी है।