एक छोटे से गाँव में आर्यन नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत बुद्धिमान था, लेकिन उसे दूसरों की मान्यताओं पर संदेह करने की आदत थी। गाँव के लोग जब प्रकृति और पुरानी कहानियों की बात करते, तो आर्यन कहता, 'यह सब बकवास है, असल में ऐसा कुछ नहीं होता।'
उसके इस व्यवहार के कारण उसके दोस्त उससे दूर होने लगे। एक दिन आर्यन जंगल में रास्ता भटक गया और डर के मारे रोने लगा। तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उसे सहारा दिया और समझाया, 'बेटा, जो सच पूरी दुनिया मानती है, उसे नकारना तुम्हें अकेला कर देगा। लोगों की आस्था और विश्वास ही इस दुनिया को जोड़कर रखते हैं। यदि तुम उन्हें नकारोगे, तो समाज तुम्हें स्वीकार नहीं करेगा।' आर्यन को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने दूसरों के विश्वास का सम्मान करना सीखा।