एक शांत गाँव में लियो नाम का एक लड़का रहता था। उसे लकड़ी के खिलौने बनाना बहुत पसंद था। एक दिन, लकड़ी पर एक पक्षी उकेरते समय, उसकी उंगली में चोट लग गई। दर्द बहुत तेज़ था। उसका दोस्त सैम पास ही बैठा था, लेकिन सैम को लकड़ी के काम की मेहनत का अंदाज़ा नहीं था। लियो दर्द में रोते हुए सैम के पास गया और बोला, "सैम, मुझे बहुत दर्द हो रहा है!" सैम ने उसे देखकर बस इतना कहा, "अरे, यह तो बस एक छोटी सी खरोंच है, इतना मत रो!" लियो को बहुत बुरा लगा कि सैम ने उसकी पीड़ा को नहीं समझा।
उसी दिन मैदान में, लियो का दुश्मन विक्टर ने उसकी उंगली पर पट्टी देखी। विक्टर ने देखा कि लियो थोड़ा लंगड़ा कर चल रहा है। उसने दूसरे बच्चों के सामने मज़ाक उड़ाते हुए कहा, "देखो, लियो कितना कमज़ोर है, एक छोटी सी चोट से ही इसकी हालत खराब हो गई!" लियो को बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई। उसने एक बड़ी सीख ली: जो आपकी पीड़ा को समझ न सकें, उनसे शिकायत करने का कोई फायदा नहीं है, और अपने दुश्मनों के सामने अपनी कमज़ोरी दिखाने से वे आपका मज़ाक उड़ा सकते हैं। उस दिन के बाद, लियो अपनी मुश्किलें केवल उन्हीं को बताता था जो उसे समझते थे।