एक सुंदर गाँव में आर्यन नाम का एक युवक रहता था। वह बहुत धनी था और उसके पास सब कुछ था। जैसे-जैसे उसकी संपत्ति बढ़ी, उसके भीतर अहंकार भी बढ़ने लगा। वह अपने सहायकों और गाँव वालों के साथ बहुत घमंड से पेश आने लगा। उसे लगता था कि धन के कारण वह सबसे श्रेष्ठ है।
लेकिन समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। गाँव में भीषण सूखा पड़ा और आर्यन की संपत्ति धीरे-धीरे कम होने लगी। जिस धन पर उसे गर्व था, वह खत्म होने लगा। अब उसे जीवन जीने के लिए दूसरों की मदद की ज़रूरत थी।
इस कठिन समय में आर्यन ने एक बड़ी सीख सीखी। उसने लोगों के सामने गिड़गिड़ाने या घमंड करने के बजाय, बहुत ही विनम्रता और गरिमा के साथ उनसे बात की। उसने अपनी मर्यादा नहीं खोई और सबके प्रति सम्मान दिखाया। आर्यन के इस व्यवहार को देखकर गाँव वालों ने उसकी मदद की। उसने समझ लिया कि समृद्धि में विनम्रता शोभा देती है, और विपत्ति में गरिमा बनाए रखना ही असली बड़प्पन है।