एक शांत गाँव में सैमुअल नाम का एक ईमानदार किसान रहता था। उसके पास एक छोटा सा खेत और एक बैल था। एक दिन, गाँव के सबसे अमीर आदमी, मिस्टर स्टर्लिंग, सैमुअल के पास एक प्रस्ताव लेकर आए। मिस्टर स्टर्लिंग चाहते थे कि सैमुअल गाँव वालों को धोखा देने में उनकी मदद करे ताकि वे अधिक मुनाफा कमा सकें।
सैमुअल के मन में लालच आया। उसने सोचा, 'अगर मैं यह कर लूँ, तो मैं एक बड़ा घर बना सकता हूँ और ऐश की ज़िंदगी जी सकता हूँ।' लेकिन उसके अंतर्मन ने उसे चेतावनी दी, 'अगर तुमने यह किया, तो तुम अपना सम्मान खो दोगे। लोग तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे।'
सैमुअल ने उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। मिस्टर स्टर्लिंग ने उसका मज़ाक उड़ाते हुए कहा, 'तुम मूर्ख हो, ऐसे जीने से तुम कभी अमीर नहीं बन पाओगे।' कुछ महीनों बाद, मिस्टर स्टर्लिंग की धोखाधड़ी सबके सामने आ गई। उन्होंने अपना सम्मान खो दिया और गाँव के लोग उनसे दूर हो गए। दूसरी ओर, सैमुअल भले ही गरीब था, लेकिन उसकी ईमानदारी के कारण पूरा गाँव उसका सम्मान करता था।
सैमुअल ने महसूस किया कि धन से कहीं अधिक कीमती उसका आत्म-सम्मान है।