एक शांत गाँव में Samuel नाम का एक बहुत अमीर व्यापारी रहता था। उसके पास बहुत सारा सोना, ज़मीन और एक बड़ा महल था। लेकिन सैमुअल बहुत अजीब इंसान था। वह अपने धन का उपयोग कभी नहीं करता था। वह न तो अच्छा खाना खाता था और न ही अच्छे कपड़े पहनता था। यहाँ तक कि पैसे बचाने के लिए वह अपने घर में रोशनी के लिए दीया भी नहीं जलाता था।
उसी गाँव में लियो नाम का एक गरीब लड़का रहता था। लियो के पिता बीमार थे, इसलिए उसके पास स्कूल की पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे। एक दिन लियो ने सैमुअल से मदद माँगी। लेकिन सैमुअल ने रूखेपन से कहा, "यह सब मेरा है, और यह मेरे पास ही रहेगा," और उसे भगा दिया।
कुछ ही दिनों बाद, एक बड़ी दुर्घटना हुई। सैमुअल के महल में आग लग गई। उस आग में उसका सारा सोना और धन राख हो गया। अब सैमुअल के पास न खाने को कुछ था और न ही रहने को जगह। वह सड़क पर आ गया। जब वह भूखा और बेसहारा था, तब गाँव के लोगों और लियो के परिवार ने उसकी मदद की। तब सैमुअल को समझ आया कि धन का संचय करना और उसे दूसरों की मदद के लिए उपयोग न करना एक बीमारी की तरह है। धन का असली उद्देश्य जीवन को सुखमय बनाना और दूसरों के काम आना है।