एक शांत गाँव में आर्यन नाम का एक युवक रहता था। वह माया नाम की एक लड़की का बहुत सम्मान करता था, जिसकी आँखें फूलों की तरह सुंदर और कोमल थीं। माया बहुत ही शांत और शालीन स्वभाव की थी। एक दिन जब आर्यन माया को कुछ देने उसके घर गया, तो गाँव वालों ने यह देख लिया और पूरे गाँव में यह अफवाह फैल गई कि 'आर्यन और माया एक-दूसरे को पसंद करते हैं!'
यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। गाँव के लोग, जो माया के सच्चे और पवित्र स्वभाव को नहीं जानते थे, उसके बारे में तरह-तरह की बातें करने लगे। माया बहुत दुखी और शर्मिंदा महसूस करने लगी। आर्यन का दिल टूट गया। उसने सोचा, 'माया जैसी अनमोल लड़की की कीमत समझे बिना, यह गाँव उसके बारे में ऐसी बातें कैसे कर सकता है?'
आर्यन ने हार नहीं मानी। वह माया के पास गया और उसका हाथ थामकर कहा, 'लोग चाहे जो भी कहें, मैं तुम्हारी अच्छाई और तुम्हारे मूल्य को जानता हूँ। ये अफवाहें हमारे चरित्र को नहीं बदल सकतीं।' समय के साथ, जब लोगों ने उनकी सच्चाई और एक-दूसरे के प्रति सम्मान देखा, तो उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और वे शर्मिंदा हुए।